दन्तेवाड़ा जिला छ्त्तीसगढ़, भारत या दुनिया में सिर्फ़ नक्सलवादी कारण से ही फ़ेमस नही है ये मशहुर है भष्ट्राचार के लिये भी । इस वेदी पर एक बार फ़िर से इसने कमाल दिखाया है महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम मे । कांकेर के बाद दुसरा बडा फ़र्जीवाडे कर इस जिला ने अपना ओर ध्यान आकर्षित किया है । गीदम ब्लाक में हुये इस करनामे ने कुछः अच्छे तथ्य़ जनता के समाने रखे हैं । ज़रा गौर फ़रमाये..............
नारेगा मजदुरो की बापोती नही है, ये अफ़सरो की जागीर है..............(अफ़सर बने ठेकेदार)
मस्टर रोल बन जाते है,भले ही मरे लोगो अपने हस्ताक्षर करे या सरकारी कर्मचारी........
घटिया समान हमारी पहचान है, कमिशन तभी तो है भाई........................
नियम हम बनते है, तो तोड़ना भी हमारा काम हैं.............................
इसलिये तो कहते है........ बस्तर है बस्तर मेरे भाई
Saturday, September 18, 2010
नई कहानी दंतेवाड़ा की
Posted by
Anshul
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11:03 PM
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